IPL(Indian Premier League) 2008 की शुरुआत से लेकर वर्तमान सफलता तक कि पूरी जानकारी
आईपीएल की शुरुआत (Indian Premier League History)
बीसीसीआई (बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंइिया) ने इंडियन प्रीमियर लीग को स्टार्ट करने की घोषणा साल 2007 में की थी और इस घोषणा के एक साल बाद ही इस लीग को शुरू कर दिया गया था.
आईपीएल को जब हमारे देश में स्टार्ट किया गया था, तो उस समय किसी को भी इस लीग के इतने कामयाब होने की उम्मीद नहीं थी. लेकिन ये लीग धीरे -धीरे भारत सहित दुनिया भर में काफी प्रसिद्ध हो गया है और इस लीग का भविष्य काफी सुनहरा है.
साल 2008 में बेची गई फ्रेंचाइजी (Indian Premier League Franchise)
इस लीग की घोषणा करने के कुछ महीनों बाद इस लीग की टीमों की फ्रेंचाइजी को बेचा गया था. टीम की फ्रेंचाइजी लेने के लिए लगी ऑक्शन में जिनके द्वारा अधिक बोली लगाई गई थी, उन लोगों को टीमों की फ्रेंचाइजी मिल गई थी. इस तरह से बैंगलोर, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, जयपुर, कोलकाता, मोहाली और मुंबई टीमों को उनके मालिक मिले थे.
आईपीएल से जुड़ी जानकारी–
| कब हुई आईपीएल की घोषणा | 13 सितंबर, 2007 |
| आईपीएल की फुल फॉर्म | इंडियन प्रीमियर लीग |
| किसके की अधीन हुई शुरुआत | बीसीसीआई |
| कब खेला गया था पहला सीजन | 2008 |
| अब तक खेले गए सीजन | 12 |
| किस महीने खेला जाता है ये लीग | अप्रैल से मई तक |
| लीग में हिस्सा लेने वाली कुल टीमें | आठ |
| एक टीम में कितने होते हैं खिलाड़ी | 11 |
| मिलने वाली इनाम राशि | 10 करोड़ रुपए (पहले 20 करोड़ मिला करते थे) |
| आईपीएल की आधिकारिक वेबसाइट | iplt20.com |
आईपीएल में हिस्सा लेने वाली टीमें (IPL Teams)
- इस लीग में इस वक्त कुल आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं और इन आठ टीमों को हमारे देश के कारोबारी और अभिनेताओँ द्वारा खरीदा गया है.
- जब पहली बार आईपीएल शुरू हुआ था, तो उस वक्त भी इसमें कुल आठ टीमों ने हिस्सा लिया था. लेकिन अब इन आठ टीमों में से कुछ टीमों की जगह नई टीमों ने ले ली है.
साल 2021 में इंडियन प्रीमियर लीग में भाग लेने वाली टीम और उनसे जुड़ी जानकारी-
दिल्ली कैपिटल्स टीम की जानकारी
| टीम का नाम | दिल्ली कैपिटल्स |
| टीम का कप्तान | ऋषभ पंत |
| किस साल में किया डेब्यू | 2008 |
| घरेलू मैदान | फिरोज शाह कोटला ग्राउंड |
| कितनी बार जीता ये लीग | एक बार भी नहीं |
| किस राज्य या शहर से है टीम | दिल्ली |
| आधिकारिक वेबसाइट | delhidaredevils.com |
कोलकाता नाइट राइडर्स टीम की जानकारी
| टीम का नाम | कोलकाता नाइट राइडर्स |
| टीम का कप्तान | EOIN MORGAN |
| किस साल में किया डेब्यू | 2008 |
| घरेलू मैदान | ईडन गार्डन |
| कितनी बार जीता ये लीग | दो बार (2012, 2014) |
| किस राज्य या शहर से है टीम | कोलकाता, पश्चिम बंगाल |
| आधिकारिक वेबसाइट | kkr.in |
चेन्नई सुपर किंग्स टीम की जानकारी
| टीम का नाम | चेन्नई सुपर किंग्स |
| टीम का कप्तान | महेंद्र सिंह धोनी |
| किस साल में किया टीम ने डेब्यू | 2008 |
| घरेलू मैदान | एम. ए चिदंबरम स्टेडियम / महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम |
| कितनी बार जीता ये लीग | दो बार (2010, 2011, 2018) |
| किस राज्य या शहर से है टीम | चेन्नई |
| आधिकारिक वेबसाइट | chennaisuperkings.com |
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर टीम के बारे में जानकारी
| टीम का नाम | रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर |
| टीम का कप्तान | विराट कोहली |
| किस साल किया डेब्यू | 2008 |
| घरेलू मैदान | एम चिन्नास्वामी स्टेडियम |
| कितनी बार जीता ये लीग | एक बार भी नहीं |
| किस राज्य या शहर से है टीम | बैंगलोर, कर्नाटक |
| आधिकारिक वेबसाइट | royalchallengers.com |
मुंबई इंडियंस के बारे में जानकारी
| टीम का नाम | मुंबई इंडियंस |
| टीम का कप्तान | रोहित शर्मा |
| किस साल में किया डेब्यू | 2008 |
| घरेलू मैदान | वानखेड़े स्टेडियम |
| कितनी बार जीता ये लीग | तीन बार, 2013, 2015, 2017 and 2019 |
| किस राज्य या शहर से है टीम | मुंबई, महाराष्ट्र |
| आधिरिक वेबसाइट | mumbaiindians.com |
राजस्थान रॉयल्स टीम के बारे में जानकारी
| टीम का नाम | राजस्थान रॉयल्स |
| टीम का कप्तान | SANJU SAMSON |
| किस साल किया डेब्यू | 2008 |
| घरेलू मैदान | सवाई मानसिंह स्टेडियम |
| कितनी बार जीता ये लीग | एक बार, 2008 |
| किस राज्य या शहर से है टीम | जयपुर, राजस्थान |
| आधिकारिक वेबसाइट | rajasthanroyals.com |
सनराइजर्स हैदराबाद टीम के बारे में जानकारी
| टीम का नाम | सनराइजर्स हैदराबाद |
| टीम का कप्तान | KANE WILLIAMSON |
| किस साल किया डेब्यू | 2013 |
| घरेलू मैदान | राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम |
| कितनी बार जीता ये लीग | एक बार |
| किस साल जीता लीग | साल 2016 |
| किस राज्य या शहर से है टीम | हैदराबाद, तेलंगाना |
| आधिकारिक वेबसाइट | sunrisershyderabad.in |
किंग्स इलेवन पंजाब टीम की जानकारी
| टीम का नाम | किंग्स इलेवन पंजाब |
| टीम का कप्तान | के एल राहुल |
| किस साल में किया डेब्यू | 2008 |
| घरेलू मैदान | पीसीए स्टेडियम / होलकर स्टेडियम |
| कितनी बार जीता ये लीग | 0 |
| किस साल जीता लीग | 0 |
| किस राज्य या शहर से है टीम | मोहाली, पंजाब |
| आधिकारिक वेबसाइट | www.kxip.in/ |
| संख्या | टीम की जानकारी |
| 1 | टीम का नाम- मुंबई इंडियंस
टीम की ब्रांड वैल्यू- 115 मिलियन टीम के मालिक- रिलायंस इंडस्ट्रीज |
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2 | टीम का नाम- कोलकाता नाइट राइडर्स
टीम की ब्रांड वैल्यू- 104 मिलियन टीम के मालिक- जय मेहता और शाहरुख खान |
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3 | टीम का नाम- चेन्नई सुपर किंग्स
टीम की ब्रांड वैल्यू – 104 मिलियन टीम के मालिक- चेन्नई सुपर किंग्स क्रिकेट लिमिटेड |
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4 | टीम का नाम- रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर
टीम की ब्रांड वैल्यू- 83 मिलियन टीम के मालिक- यूनाइटेड स्पिरिट्स |
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5 | टीम का नाम- दिल्ली कैपिटल्स
टीम की ब्रांड वैल्यू- 49 मिलियन टीम के मालिक- जीएमआर समूह (GMR Group) और जेएसडब्ल्यू समूह (JSW Group) |
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6 | टीम का नाम- Kings 11 Punjab टीम की ब्रांड वैल्यू- 36.2 मिलियन टीम के मालिक- केपीएच ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड, प्रीति जिंटा, नेस वाडिया, मोहित बर्मन, ओबेरॉय समूह, करण पॉल |
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7 | टीम का नाम- राजस्थान रॉयल्स
टीम की ब्रांड वैल्यू- 39 मिलियन टीम के मालिक- मनोज बदले (Manoj Badale) |
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8 | टीम का नाम- सनराइजर्स हैदराबाद
टीम की ब्रांड वैल्यू- – 68 मिलियन टीम के मालिक- सूर्य समूह |
आईपीएल मैच का फॉर्मेट (Format)
- आईपीएल में भाग लेने वाली हर टीम को दूसरी टीम के साथ दो मुकाबले खेलने होते हैं और इन मुकाबलों के बाद जो टीम टॉप चार नंबर पर आती हैं. वो प्लेऑफ्स के लिए क्वालिवफ कर जाती हैं.
- प्लेऑफ्स में टॉप नबंर पर आई दो टीमों के बीच फाइनल में जगह बनाने के लिए मुकाबला होता है और जो टीम इस मुकाबले को जीत जाती है वो फाइनल में अपनी जगह बना लेती है.
- जबकि हारी गई टीम को फाइनल में जगह बनाने के लिए एक और मौका मिलता है और ये टीम दूसरा क्वालीफायर, तीसरे और चौथे नंबर की टीमों के बीच हुए मुकाबले में जीती गई टीम के साथ खेलती है. और जो टीम दूसरा क्वालीफायर जीत जाती है, वो फाइनल मुकाबला खेलती है.
- इसलिए आईपीएल की हर टीम टॉप दो में आने की कोशिश करती हैं, ताकि अगर वो हार भी जाए तो उसको फाइनल में जगह बनाने के लिए दूसरा मौका मिल सके.
आईपीएल में होने वाली नीलामी
कोई भी टीम की फ्रेंचाइजी तीन तरह से प्लेयर्स को हासिल कर सकती हैं, जिनमें से एक जरिए ऑक्शन का है, दूसरा ट्रेडिंग विंडो (एक टीम दूसरी टीम के साथ खिलाड़ियों को एक्सचेंज करती है) का है और तीसरा अनुपलब्ध खिलाड़ियों के लिए प्रतिस्थापन पर हस्ताक्षर (signing replacements for unavailable players) है.
नीलामी की प्रक्रिया (Auction Process)
- आईपीएल में हर साल ऑक्शन होती है. इस ऑक्शन में हर फ्रेंचाइजी टीम के मालिक हिस्सा लेते हैं और अपने मनपसंद प्लेयर्स को हासिल करने के लिए बोली लगाते हैं.
- हर प्लेयर्स के लिए एक बेस प्राइज तय किया जाता है और इस बेस प्राइज के ऊपर की बोली फ्रेंचाइजी द्वारा लगाई जाती है. जो फ्रेंचाइजी अधिक मूल्य की बोली लगाती है उसे वो खिलाड़ी मिल जाता है.
- हर फ्रेंचाइजी अपने 3 प्लेयर्स को रिटेन यानी ऑक्शन से पहले ही खरीद सकती है और फ्रेंचाइजी के पास ‘राइट टू मैच’ को इस्तेमाल करने की भी ताकत होती है.
कैसे किए जाते हैं खिलाड़ी रिटेन (Retain)
कोई भी फ्रेंचाइजी ऑक्सन शुरू होने से पहले अपनी टीम के अधिकतम तीन प्लेयर्स को अपनी टीम में बनाए रख सकती है और ऐसा करने से ऑक्सन के दौरान रिटेन किए गए खिलाड़ियों की नीलामी नहीं लगती है.
क्यों किया जाता है रिटेन इस्तेमाल
अपनी टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों को अपनी टीम का हिस्सा बनाए रखने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. हालाकिं ये फ्रेंचाइजी पर निर्भर होता है कि वो अपने किसी खिलाड़ी को रिटेन करना चाहती है कि नहीं.
रिटेन किए गए खिलाड़ियों की कीमत (Price)
तीन प्लेयर्स को रिटेन करने की कीमत
फ्रेंचाइजी अपने तीन प्लेयर्स को बरकरार रखता है, तो उन प्लेयर्स के लिए उन्होंने क्रमशः कीमत देनी पड़ती है. पहले खिलाड़ी के लिए 15 करोड़ रुपये, दूसरे खिलाड़ी के लिए 11 करोड़ रुपये और तीसरे खिलाड़ी के लिए 7 करोड़ रुपये. इस तरह से ऑक्सन के लिए तय की गई राशि में से उस फ्रेंचाइजी के 33 कोरड़ रुपए कम हो जाते हैं.
दो प्लेयर्स को रिटेन करने की कीमत
यदि फ्रेंचाइजी अपने दो प्लेयर्स को रिटेन करती है, तो उन प्लेयर्स के लिए उन्होंने क्रमशः कीमत देनी पड़ती है. पहले खिलाड़ी के लिए 12.5 करोड़ रुपये और दूसरे खिलाड़ी के लिए 8.5 करोड़ रुपये और इस तरह से ऑक्सन के लिए तय की गई राशि में से उस फ्रेंचाइजी के 21 कोरड़ रुपए कम हो जाते हैं.
एक प्लेयर्स को रिटेन करने की कीमत
अगर फ्रेंचाइजी अपने एक प्लेयर्स को रिटेन करती है तो उस प्लेयर्स के लिए उन्होंने 12.5 करोड़ रुपये देने पड़ते है. जिसके बाद ये राशि ऑक्सन के लिए तय किए गई राशि में से काट ली जाती है.
क्या होता है राइट टू मैच (What is Right To Match card)
राइट टू मैच एक प्रकार का अधिकार होता है, जिसकी मदद से कोई सी भी फ्रेंचाइजी अपने टीम के बिके हुए प्लेयर्स को हासिल कर सकती है. उदाहरण के तौर पर अगर कोई फ्रेंचाइजी अपने किसी प्लेयर्स को रिटेन नहीं करती है और उस प्लेयर्स को कोई अन्य फ्रेंचाइजी खरीद लेती है. तो उस प्लेयर्स को वापस से अपनी टीम का हिस्सा बनाने के लिए फ्रेंचाइजी, ऑक्शन की प्रक्रिया खत्म होने के बाद इस कार्ड की मदद से उसे हासिल कर सकती. जिसके बाद वो प्लेयर वापस से अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी के पास चला जाता है. प्लेयर की फ्रेंचाइजी टीम को उसको अपनी टीम में शामिल करने के लिए उतने ही पैसे देने होते हैं, जितनी राशि में उसे दूसरी फ्रेंचाइजी द्वारा खरीदा जाता है.
राइट टू मैच से जुड़े नियम (Right To Match card Rules)
- कोई फ्रेंचाइजी अपने 3 प्लेयर्स को रिटेन करती है, तो नियमों के अनुसार वो केवल दो बार ‘राइट टू मैच’ कार्ड यूज कर सकती है.
- अगर फ्रेंचाइजी द्वारा अपनी टीम के दो या एक प्लेयर्स बरकरार रखे जाते हैं तो नियमों के तहत वो तीन इस कार्ड का यूज कर सकती है.
इंडियन प्रीमियर लीग के अभी तक के हुए सीजन (Indian Premier League Seasons)
इस लीग के अभी तक 12 सीजन पूरे हो चुके हैं जबकि 13 वां सीजन जल्दी आने वाला है और पिछले 12 सीजनों के विजेता टीमों के नाम इस प्रकार हैं
इंडियन प्रीमियर लीग की विजेता टीम (Indian Premier League (IPL) Winner Team List)
| सीजन | विजेता टीम | द्वितीय विजेता |
| 2008 | राजस्थान रॉयल्स | चेन्नई सुपर किंग्स |
| 2009 | डेक्कन चार्जर्स | रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर |
| 2010 | चेन्नई सुपर किंग्स | मुंबई इंडियंस |
| 2011 | चेन्नई सुपर किंग्स | रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर |
| 2012 | कोलकाता नाइट राइडर्स | चेन्नई सुपर किंग्स |
| 2013 | मुंबई इंडियंस | चेन्नई सुपर किंग्स |
| 2014 | कोलकाता नाइट राइडर्स | किंग्स इलेवन पंजाब |
| 2015 | मुंबई इंडियंस | चेन्नई सुपर किंग्स |
| 2016 | सनराइजर्स हैदराबाद | रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर |
| 2017 | मुंबई इंडियंस | राइजिंग पुणे सुपरजायंट |
| 2018 | चेन्नई सुपर किंग्स | सनराइजर्स हैदराबाद |
| 2019 | मुंबई इंडियंस | चेन्नई सुपर किंग्स |
| 2020 | मुंबई इंडियंस | दिल्ली कैपिटल |
आईपीएल के तहत दिए जाने वाले अवार्ड ( IPL Awards)
आईपीएल के हर सीजन में कई तरह के अवार्ड भी प्लेयर्स को दिए जाते हैं और इन्हीं अवार्ड में से दो अवार्ड ऑरेंज और पर्पल कैप है. ऑरेंज कैप बल्लेबाजों के लिए बनाई गई है और पर्पल कैप गेंदबाजों के लिए.
किसको दी जाती हैं ऑरेंज कप (Orange Cap)
आईपीएल के सीजन में जो बल्लेबाज सबसे अधिक रन बनाते हैं ये कैप उसके पास चली जाती है और इस तरह से फाइनल मैच होते होते ये कैप उस बल्लेबाज के पास होती है जिसने मौजूद सीजन में सबसे अधिक रन बनाए हों.
विजेता टीम को दी जानेवाली राशि (Prize Money)
आईपीएल के हर सीजन में इनाम राशि अलग अलग होती है और इस वर्ष के लीग को जीतने वाली टीम को 20 करोड़ रुपए दिए जाएंगे. दूसरी पोजीशन पर आने वाली टीम के लिए ये प्राइज मनी 12.5 करोड़ तय की गई है, तीसरी और चौथी पोजीशन कर आने वाली टीम के लिए ये राशि 8.75 करोड़ है.
आईपीएल कितना फेमस है (IPL popularity)
- आईपीएल का जुनून केवल भारत तक सीमित नहीं है और इस लीग को अन्य देशों में भी देखा जाता है. एशिया, मध्य पूर्व, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, और अमेरिका में आईपीएल की व्यूवरशिप काफी का अधिक है.
- साल 2017 के आईपीएल सीजन की व्यूवरशिप में साल 2016 के मुकाबले में 40 प्रतिशात वृद्धि हुई थी. जिसके साथ ही आईपीएल का पिछला सीजन सबसे प्रसिद्ध सीजन बन गया था.
- उम्मीद की जारी रही है कि इस साल के आईपीएल सीजन को साल 2017 से अधिक व्यूवरशिप मिलेगी. क्योंकि इस साल के सीजन के ओपनिंग मैच को सबसे ज्यादा दर्शकों द्वारा देखा गया है.
- आईपीएली की प्रसिद्धता का अंदाजा आप इस बात से भी लगा सकते हैं कि आईपीएल दुनिया में सबसे महंगे खेलों में से एक हैं और हर साल इस लीग से करोड़ रुपए का मुनाफा होता है.
- ये गेम टी.वी तक सीमित नहीं रहकर ऑनलाइन भी खूब देखा जाता है और ऑनलाइन भी इसकी व्यूवरशिप लाखों की है और साल 2018 के इसके लीग के पहले सप्ताहांत में आईपीएल की आधारिक वेबसाइट को 3.5 मिलियन से अधिक हिट मिलें हैं.
- हॉटस्टार के जरिए इसे 82.4 मिलियन दर्शकों द्वारा अभी तक देखा जा चुका है, जो पिछले साल से 76% से अधिक है.
आईपीएल की कमाई कैसे होती है (How The IPL Team Owners Make Money)
दुनिया के सबसे महंगे खेलों में शामिल आईपीएल की टीमों के मालिक पांच तरीकों के जरिए पैसे कमाते हैं, जो कि इस प्रकार हैं
आईपीएल के सीजन के अंत में टॉप चार टीमों को इनाम के तौर पर पैसे दिए जाते हैं, जो कि इस टीम के मालिकों के पास जाते हैं. आईपीएल के तहत दी जानी वाली ये राशि हर साल बढ़ती है और हर साल विजेता टीम को करोड़ रुपए मिलते हैं.
आईपीएल टीमों के मालिक हर साल करोड़ों रुपए देकर सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों को खरीदते हैं ताकि उनकी टीम की ब्रांड वैल्यू बढ सके. क्योंकि टीम की वैल्यू बढ़ने से ही टीम को अच्छे खासे निवेशकों मिलते हैं.
इंडियन प्रीमियर लीग के मालिक प्रायोजक के जरिए पैसे कमाते हैं और प्रायोजक आय ही टीमों की कमाई का असली सोर्स हैं. आप लोगों ने आईपीएल टीमों के प्लेयर्स की जर्सी पर कई सारे कंपनियों के नाम लिखे हुए देखें होंगे, जो कि टीमों के प्रायोजक होते हैं.
आईपीएल फ्रेंचाइजी लेने वाले मालिकों की आय का अन्य प्रमुख सोर्स टिकट भी है. यानी जिस भी टीम के घरेलू मैदान पर मैच खेले जाते हैं. उस मैच को देखने के लिए दर्शकों द्वारा खरीदी गई टिकट के पैसे उस टीम के मालिकों के पास जाते हैं.
- मीडिया राइट्स के जरिए आईपीएल टीमों के मालिक सबसे अधिक कमाई करते हैं और ये आय का सबसे महत्वपूर्ण सोर्स है.
- मीडिया राइट्स का मतबल होता है कि किसी चैनल को मैच प्रसारण करना का अधिकार देना और ये आधिकार हासिल करने के लिए चैनल द्वारा बीसीसीआई को पैसे दिए जाते हैं.
- जिसके बाद बीसीसीआई इन पैसों में से अपना हिस्सा रख लेती है और बाकी बेचे हुए पैसे टीमों में बांट देती है. ये पैसे टीमों की रैंक के हिसाब से उनके मालिकों को दिए जाते हैं.
- यानी जो टीम सीजन में पहले नंबर पर आती है उसे ज्यादा पैसे मिलते हैं और जो टीम आखिरी नंबर पर आती हैं उन्हें कम पैसे दिए जाते हैं.
मर्चेंडाइजिंग सेल्स (Merchandising Sales)
आईपीएल की टीमे कैप्स, कलाई वाली घड़ियों टी- शर्ट बचकर भी कमाई करती हैं और इन सब चीजों को दर्शकों और आईपीएल प्रेमियों द्वारा काफी खरीदा जाता है. जो कि आईपीएल टीमों के मालिकों के लिए एक आय की तरह कार्य करती है.
आईपीएल के कारण भारत की पॉपुलैरिटी बढ़ी
- आईपीएल की कामयाबी के कारण भारत की पहचान भी दुनिया भर में और बढ़ सकी है. आज आईपीएल की वजह से ही भारत का नाम भी खेल जगत में होने वाली सभी प्रसिद्ध लीगों में गिना जाता है.
- दुनिया भर के क्रिकेटर भारत के इस क्रिकेट लीग का हिस्सा बनना चाहते हैं. जिसके कारण भारत देश क्रिकेटरों के व्यापार में सबसे अधिक पॉपुलर हो गया है.
आईपीएल के फायदा (Advantages of the IPL)
आईपीएल के कारण ही आज भारत के युवा प्लेयर्स को अपना हुनर दिखाने का चांस मिल रहा है और इस समय हमारे देश के काफी काबिल युवा प्लेयर्स अपने देश के और अन्य देशों के प्लेयर्स के साथ खेल पा रहे हैं और उनसे काफी कुछ सीख पा रहे हैं.
आईपीएल की वजह से हमारे देश को कई फायदे भी हो रहे हैं, जैसे कि इसकी वजह से हमारे देश की इकॉनमी बढ़ रही है और अन्य देश से लोग इन खेलों को देखने के लिए भारत आ रहे हैं, जिससे की हमारे देश के टूरिज्म को भी बढ़ावा मिल रहा है.
अन्य तरह के लीगों को भी किया गया शुरू
आईपीएल के कामयाब होने के बाद हमारे देश में अन्य खेलों जैसे कि कबड्डी, फुटबॉल और बैडमिंटन इत्यादि के लीग भी शुरू किए गए हैं जिससे की इन खेलों को भी भारत में बढ़ावा मिल रहा है.
आईपीएल के नुकासन (Disadvantages of the IPL)
- आईपीएल की वजह से हमारे देश के प्लेयर्स को आराम करना का मौका नहीं मिलता है. जिसकी वजह से वो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले खेलों में सही तरह से प्रदर्शन नहीं दे पाते हैं.
- आईपीएल के जरिए कई प्लेयर्स काफी अधिक कमाई कर रहें हैं, जिसके कारण उनका झुकाव पैसों की और ज्यादा हो रहा है और कई प्लेयर्स समय से पहले रिटायरमेंट भी ले रहे हैं.
आईपीएल के कारण बीसीसीआई का अस्तित्व निखरा
बीसीसीआई क्रिकेट जगत में सबसे अधिक पैसा कमाने वाला क्रिकेट बोर्ड हैं और काफी प्रसिद्ध भी है. लेकिन आईपीएल शुरू होने के बाद से बीसीसीआई का कद क्रिकेट की दुनिया में और बढ़ गया है. आज बीसीसीआई आईपीएल के जरिए करोड़ों रुपये की कमाई कर रहा है. इसके साथ ही आईपीएल की वजह से ही दुनिया भर में क्रिकेट को और पहचान मिल सकी है.
आईपीएल के साथ जुड़े विवाद (IPL Controversies)
- साल 2013 के लीग के दौरान मैच फिक्सिंग की गई थी जिसके कारण दो टीमों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और ये टीम चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स थी. इन टीमों के अलावा कई प्लेयर्स पर भी इस लीग में भाग लेने पर बैन लगाया गया था. हालांकि की बैन लगी टीमों ने साल 2018 के लीग में फिर से वापसी कर ली है.
- साल 2013 में आईपीएल की फ्रेंचाइजी टीम पुणे वॉरियर्स इंडिया (पीडब्ल्यूआई) के मालिकों ने अपनी ये फ्रेंचाइजी छोड़ दी थी. क्योंकि इस टीम के मालिकों द्वारा फ्रेंचाइजी लेने का शुल्क भुगतान नहीं किया गया था.
- आईपीएल को शुरू करने के पीछे सबसे बड़ा हाथ ललित मोदी का ही था और ये आईपीएल के अध्यक्ष हुआ करते थे. लेकिन सट्टेबाजी और मनी लॉंडरिंग में शामिल होने के कारण मोदी को आईपीएल से निकाल दिया गया था और इस वक्त ये दूसरे देश में रह रहे हैं.
आईपीएल से जुड़ी अन्य जानकारी (Interesting Facts About IPL)
- एक खिलाड़ी के अनुबंध (contract) की अवधि एक वर्ष की होती है मगर फ्रेंचाइजी चाहे तो अपने खिलाड़ी के अनुबंध को दो साल तक के लिए भी बढ़ा सकती है.
- आईपीएल की एक टीम में 18 से लेकर 25 प्लेयर्स हो सकते हैं, जिनमें अधिकतम 8 विदेशी प्लेयर्स को एक टीम रख सकती हैं.
- डेक्कन चार्जर्स, गुजरात लॉयन्स, कोच्चि टस्कर्स केरल, पुणे वॉरियर्स इंडिया और राइजिंग पुणे सुपरर्जेंट एक समय में आईपीएल की टीमें हुआ करती थी लेकिन अब ये टीमें आईपीएल का हिस्सा नहीं हैं.
- विवो कंपनी ने आईपीएल की शीर्षक प्रायोजक (Title sponsor) करीब 439.8 करोड़ रुपये में खरीदी है और विवो को ये शीर्षक प्रायोजक 5 सालों के लिए यानी साल 2018 से साल 2022 तक के लिए दी गई है.
- विश्व भर के करीब 18 देशों में आईपीएल मैच को प्रसारण किया जाता है, जबकि आईपीएल को इंटरनेट में प्रसारण करने का अधिकार हॉटस्टार के पास हैं.
- आईपीएल गवर्निंग काउंसिल इस टूर्नामेंट के सभी कार्यों के लिए ज़िम्मेदार है और इस काउंसिल के मेंबर राजीव शुक्ला, अजय शिर्कि, सौरव गांगुली, अनुराग ठाकुर और अनिरुद्ध चौधरी हैं.
- आईपीएल में किसी भी पाकिस्तान के प्लेयर्स को हिस्सा लेने का अधिकार नहीं है. हालांकि जिस वक्त आईपीएल स्टार्ट हुआ था, उस समय कई टीमों में पाकिस्तान के प्लेयर्स हुआ करते थे. लेकिन बाद में इस देश के प्लेयर्स को आईपीएल में लेने पर बैन लगा दिया गया था.
